What Is SEO In Digital Marketing In Hindi?

एसईओ क्या है? फुल फॉर्म, जानकारी [ What Is SEO In Digital Marketing In Hindi? ] – TechyHindi

दोस्तों आज के इस ब्लॉग मे हम जानने वाले है की एसइओ क्या होता है? ( What Is SEO In Digital Marketing In Hindi? ) जिससे की अगर आप ब्लॉगिंग करते है या वेबसाईट डिजाइन करते है तो आप अपना ब्लॉग या वेबसाईट को सही से SEO कर सके।

अगर आप ब्लॉगिंग करते है तो आपको सबसे ज्यादा इसी टर्म का उपयोग करना पड़ेगा जिससे की आपका ब्लॉग जल्दी से रैंक करे और आप अपना ब्लॉग पर ऑर्गैनिक ट्राफिक ला सके और वहाँ से कन्वर्शन बना सकते है। तो चलिए इसके बारे मे पूरा डीटेल से जानते है की एसइओ क्या होता है हिन्दी मे? ( SEO Kya Hota Hai Hindi Me? )और एसइओ कैसे किया जाता है? ( SEO Kaise Kiya Jata Hai? ).

एसइओ क्या होता है? ( What Is SEO In Digital Marketing In Hindi? )

एसइओ ( SEO ) का फूलफोरम ( Full form ) सर्च इंजन आप्टमज़ैशन ( Search Engine Optimization ) होता है जिसके मतलब होता है की सर्च इंजन के अनुसार अपना ब्लॉग या वेबसाईट को आप्टमाइज़ करना जिसके कारण आपका ब्लॉग या वेबसाईट रैंक कर सके।

सर्च इंजन का मतलब होता है की आप किसी सवाल को इंटरनेट पर सर्च करते है तो और जिस वेबसाईट के द्वारा आप सर्च करते है जैसे की ( Bing, Google, Yahoo ) इत्यादि को सर्च इंजन कहते है और हर एक सर्च इंजन का अलग अलग मेथड है जिसके अनुसार वो आपके वेबसाईट का तुलना करता है और उसके बाद रैंक करता है।

हर एक वेबसाईट चाहे वो बिजनस वेबसाईट हो या फिर ब्लॉगिंग का वेबसाईट हो, सभी का सपना होता है की उनके वेबसाईट पर ढेर सारा लोग आए और वो उनका बिजनस के बारे मे जाने या फिर उनके लिखे हुए कंटेन्ट के बारे मे लोगो को सही से जानकारी हो।

ट्राफिक लाने के लिए सबसे ज्यादा इम्पॉर्टन्ट टर्म एसइओ ही है जिसके मदद से आप बिना पैसा लगाए अपना वेबसाईट पर ट्राफिक ला सकते है, ये अलग बात है की इसमे आपको थोड़ा समय लगता है लेकीन ये जरूरी है की अगर आपका कंटेन्ट या वेबसाईट अच्छा है तो वो जल्दी से रैंक करता है।

SEO कितने प्रकार के होते हैं? ( SEO Kitne Prakar Ke Hote Hain? )

एसइओ दो प्रकार के होते है जो की निम्नलिखित है –

  • ऑन पेज एसइओ ( On Page SEO )
  • ऑफ पेज एसइओ ( Off Page SEO )

ऑन पेज एसइओ ( On Page SEO )

ऑन पेज एसइओ का मतलब होता है की आप अपना ब्लॉग या वेबसाईट मे जो जो एसइओ अपने पेज पर कर सकते है उसको ही ऑन पेज एसइओ कहते है। जैसे की कीवर्ड सही से ऐड करना, टाइटल आप्टमाइज़ करना, पर्मालिंक मे फोकस कीवर्ड ऐड करना इत्यादि।

ऑफ पेज एसइओ ( Off Page SEO )

इसमे आप अपना ब्लॉग या वेबसाईट के बिना ओपन कीये जितना एसइओ करते है उसको ऑफ पेज एसइओ कहते है जैसे की बैकलिंक बनाना, इत्यादि कामों को ऑफ पेज एसइओ कहते है।

अब चलिए जानते है की Blog Ka SEO Kaise Karte Hai? ( ब्लॉग का एसइओ कैसे करे? )

Blog Ya Website Ka SEO Kaise Karte Hai? ( ब्लॉग या वेबसाईट का एसइओ कैसे करे? )

ब्लॉग का एसइओ करने के लिए निम्नलिखित बातों का ध्यान रखे और अपना ब्लॉग को जल्दी से रैंक करवाये। –

  • ब्लॉग का टाइटल सही से लिखना।
  • ब्लॉग का डिस्क्रिप्शन सही से लिखना।
  • पर्मालिंक सही से लिखना।
  • ब्लॉग मे इमेज का उपयोग करना।
  • ब्लॉग मे कीवर्ड का उपयोग करना।
  • इन्टर्नल लिंकिंग करना।
  • इक्स्टर्नल लिंकिंग करना।
  • कीवर्ड रिसर्च करना।
  • पैराग्राफ छोटा लिखना।
  • हेडिंग का उपयोग करना।
  • सिम्पल भाषा मे लिखना।
  • ब्लॉग का स्पीड सही होना।
  • टॉपिक पर तुरंत बात करना।

ब्लॉग का टाइटल सही से लिखना।

इसका मतलब ये है की आप अपना ब्लॉग का टाइटल जो रखेंगे उसमे अपना मेन फोकस कीवर्ड को जरूर रखे और टाइटल को थोड़ा अट्रैक्टिव बनाए जिससे की जब यूजर आपके कीवर्ड को सर्च करे और उसके सामने आपका ब्लॉग नजर आए तो वो आपके टाइटल पर क्लिक कीये बिना रह नहीं पाए।

जैसे की आप अपना ब्लॉग के टाइटल मे नंबर का उपयोग कर सकते है, ब्रैकिट का उपयोग कर सकते है जिससे की थोड़ा और अट्रैक्टिव दिखे, और जब भी कोई यूजर इंटरनेट पर कुछ सर्च करता है तो उसके सामने सबसे पहले टाइटल और डिस्क्रिप्शन ही आता है।

ब्लॉग का डिस्क्रिप्शन सही से लिखना।

ब्लॉग का डिस्क्रिप्शन लिखने से मतलब ये है की आप अपना ब्लॉग के डिस्क्रिप्शन मे एक बार अपना फोकस कीवर्ड को जरूर ऐड करे जिससे की यूजर को जब दिखे तो वो जान सके की इस ब्लॉग मे हमारे सवाल के बारे मे बताया गया है और वो उसपर क्लिक जल्दी से करे।

टाइटल के बाद दूसरा दिखने वाला चीज डिस्क्रिप्शन ही है तो उसको बढ़िया से लिखिए ताकि जब यूजर को दिखे तो वो तुरंत से आपका ब्लॉग पर क्लिक करके ब्लॉग पर आ सके।

पर्मालिंक सही से लिखना.

पर्मालिंक का मतलब होता है की आपके पोस्ट के यूआरएल, पोस्ट के यूआरएल मे आपको अपना फोकस कीवर्ड जरूर से ऐड करना है जिससे की जब सर्च इंजन आपके ब्लॉग या वेबसाईट को क्रॉल करने आए तो उसको मालूम चल सके की आपका ब्लॉग किस चीज पर लिखा गया है।

जब भी सर्च इंजन का बोट आपके ब्लॉग मे आएगा तो वो ऊपर से क्रॉल करना शुरू करेगा जैसे की टाइटल डिस्क्रिप्शन, यूआरएल इत्यादि, उसके अनुसार आपके यूआरएल मे भी फोकस कीवर्ड होना चाहिए जैसे की मेरे इस ब्लॉग मे फोकस कीवर्ड का यूआरएल बना हुआ है।

क्योंकि सर्च इंजन मे टाइटल और डिस्क्रिप्शन के बाद तीसरा दिखने वाला चीज पर्मालिंक ही है, हलाकि इसपर उतना कोई ध्यान नहीं देता है लेकीन क्रॉलर को तो ये बताना जरूरी है न की किस कीवर्ड पर हमारा ब्लॉग बना हुआ है या लिखा हुआ है।

ब्लॉग मे इमेज का उपयोग करना।

इसका मतलब ये है की टेक्स्ट से ज्यादा लोगो को इमेज मे इन्टरिस्ट होता है तो उस हिसाब से आपके अपने ब्लॉग मे एक दो इमेज का उपयोग जरूर करना चाहिए जिससे की आपका ब्लॉग का स्ट्रक्चर भी सही हो जाए और आपका ब्लॉग का एसइओ भी सही से हो जाए।

आप एक काम ये भी कर सकते है की जिस कीवर्ड पर आप काम कर रहे है उसको पहले इंटरनेट पर सर्च कर लीजिए और जो जो वेबसाईट रैंक कर रहे है उसको खोलकर देख लीजिए की किस ब्लॉग मे कितना इमेज का उपयोग किया गया है और उसके अकॉर्डिंग अपना ब्लॉग मे आप इमेज का उपयोग कीजिए।

मतलब की अगर कोई ब्लॉग 3 इमेज का उपयोग कर रहा है तो आप उससे 1 2 ज्यादा ही उपयोग कीजिए जैसे की 4 या 5 इमेज का उपयोग कीजिए जिससे की आपका ब्लॉग का एसइओ सही से हो जाए।

ब्लॉग मे कीवर्ड का उपयोग करना।

सबसे बड़ा चीज यही है की आप अपना ब्लॉग पोस्ट जो लिख रहे हो उसमे अपना फोकस कीवर्ड को जरूर ऐड करना होता है ताकि आपका वेबसाईट को क्रॉल करने आए तो उसको समझ मे आ जाए की इस कीवर्ड पर इस ब्लॉग को रैंक करना है और साथ मे आप अपना कीवर्ड के अलावा और लोग जो पूछ रहे है उसको भी ऐड कर दीजिएगा।

और उस कीवर्ड को बोल्ड भी कर दीजिएगा जिससे की आपका ब्लॉग मे कीवर्ड सामने से दिख जाए और ये क्रॉल को अट्रैक्ट कर सके।

इन्टर्नल लिंकिंग करना।

इन्टर्नल लिंकिंग का मतलब होता है की आपको एक ब्लॉग पोस्ट से दूसरे ब्लॉग पोस्ट को लिंक करना जिससे की जब एक पोस्ट रैंक करता है और आपके ब्लॉग पोस्ट मे ट्राफिक आता है तो दूसरे ब्लॉग भी रैंक होने लगेगा, और आप एक ब्लॉग मे 5 6 इन्टर्नल लिंकिंग आराम से कर सकते है।

इक्स्टर्नल लिंकिंग करना।

इक्स्टर्नल लिंकिंग करने का मतलब ये है की आप अपना ब्लॉग से दूसरे वेबसाईट को लिंक करना, जैसे की आप किसी ब्लॉग को लिख रहे है और उस ब्लॉग मे ऐसा कोई वर्ड है जिसके बारे मे किसी को जानना चाहिए तो उसको आप इंटरनेट पर सर्च करके उसको अपना ब्लॉग से लिंक कर दीजिए।

कीवर्ड रिसर्च करना।

कीवर्ड रिसर्च करने का मतलब ये है की आप अपना ब्लॉग पोस्ट के लिए ऐसा कीवर्ड को सिलेक्ट कीजिए जिसमे की सर्च वॉल्यूम ज्यादा हो और काम्पिटिशन कम हो जिससे की आपका ब्लॉग जल्दी से रैंक कर सके और आपका ब्लॉग पर ऑर्गैनिक ट्राफिक आ सके।

पैराग्राफ छोटा लिखना।

जब भी कोई यूजर आपके ब्लॉग पर आए तो उसको आपका ब्लॉग साफ दिखे उसके लिए आप छोटे छोटे पैराग्राफ लिखा कीजिए जैसे की इस ब्लॉग मे आपको देखने को मिल रहा होगा, जिससे की यूजर को ये बोझ न लगने लगे की हमे बहुत सारा चीज को पढ़ना है।

और इस कदर आपके ब्लॉग मे यूजर समय बिताएगा और जब समय बिताएगा तो सर्च इंजन को आपके ब्लॉग समझ मे आएगा की अच्छा लिखा हुआ है और आपका ब्लॉग जल्दी से रैंक करेगा। आप इस चीज को ध्यान मे रखिए की रैंकिंग के लिए 2 फैक्टर है पहला की CTR और दूसरा बाउन्स रेट।

CTR का मतलब हुआ की कितना इम्प्रेशन पर कितना क्लिक आया है और दूसरा बाउन्स रेट है जिसका मतलब ये है की आपके ब्लॉग मे जितना लोग समय बिताता है उसको बाउन्स रेट कहते है और जितना समय ज्यादा बिताएगा उतना बाउन्स रेट कम रहेगा और ऐसे मे आपका ब्लॉग रैंक करने लगेगा।

हेडिंग का उपयोग करना।

आप अपना ब्लॉग मे जितना हेडिंग का उपयोग करेंगे उतना बढ़िया है क्योंकि हर हेडिंग एक सवाल ही होगा और जितना सवाल आप अपना ब्लॉग मे कवर करेंगे और आपके ब्लॉग उतना ही कीवर्ड पर रैंक करेगा, इसलिए आप ज्यादा से ज्यादा हेडिंग का उपयोग करे और अपना ब्लॉग को रैंक करवाए।

सिम्पल भाषा मे लिखना।

इसका मतलब ये है की जब भी आप अपना ब्लॉग को लिखे तो उसको ऐसा भाषा मे लिखे की उसको अगर 10 साल के बच्चा भी पढे तो उसको समझ मे आ जाए, इसलिए आपको इस बात को ध्यान मे रखिएगा क्योंकि जब आप अपना ब्लॉग को सिम्पल भाषा मे लिखिएगा तो बाउन्स रेट कम हो जाएगा आपका।

ब्लॉग का स्पीड सही होना।

इसका मतलब ये है की अगर आप अपना ब्लॉग को वर्डप्रेस पर बनाते है तो उसमें वेबसाईट को होस्ट करने के लिए होस्टिंग की जरूरत पड़ती है और होस्टिंग मे आपको ऐसा होस्टिंग को सिलेक्ट करना होता है जिसका सर्विस ठीक हो और साथ मे लोडिंग स्पीड सही हो।

क्योंकि जब यूजर आपके ब्लॉग पर क्लिक करेगा और उसके सामने आपका वेबसाईट जल्दी से नही खुलेगा तो आपका ब्लॉग से बैक हो जाएगा और दूसरे ब्लॉग मे चला जाएगा जिससे की आपका ब्लॉग का बाउन्स रेट बढ़ जाएगा।

टॉपिक पर तुरंत बात करना।

इसका मतलब ये है की आपका ब्लॉग जिस टॉपिक पर हो उसके बारे मे तुरंत बात करने के कोशिश करे क्योंकि जब यूजर आता है तो इधर उधर के बात कीजिएगा तो वो बैक हो जाएगा और दूसरे ब्लॉग पर चल जाएगा, इसलिए 1 2 पैराग्राफ लिखकर डायरेक्ट टॉपिक पर आ जाइए।

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Conclusions

दोस्तों आशा करता हूँ की आपको आज का ब्लॉग पसंद आया होगा जो की एसइओ क्या होता है? ( What Is SEO In Digital Marketing In Hindi? ) से रिलेटेड है और अगर इससे रिलेटेड किसी तरह के मन मे डाउट हो तो नीचे कमेन्ट जरूर करे।

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